काला काला कहवे र गुजरी भजन लिरिक्स

काला काला कहवे र गुजरी,
मत काले का जिक्र करै,
काले रंग पे मोरनी रुदन करै,
काला काला कहवे र गुजरी।।



मोटे मोटे नैन राधा के,

जिसमें सुरमा खुब सजै,
काले रंग पे मोरनी रुदन करै,
काला काला कहवे र गुजरी।।



लाम्बे लाम्बे केश राधा के,

जिसमें मांग सिंदूर भरै,
काले रंग पे मोरनी रुदन करै,
काला काला कहवे र गुजरी।।



लाम्बे लाम्बे पंख मोर के,

जिसके सिर पर मुकुट सजै,
काले रंग पे मोरनी रुदन करै,
काला काला कहवे र गुजरी।।



हरे हरे बासां की हरी मुरलिया,

जिसका खोया जगत फिरै,
काले रंग पे मोरनी रुदन करै,
काला काला कहवे र गुजरी।।



काला काला मेरा सावंरिया,

जिसकी सुरत या मन में बसे,
काले रंग पे मोरनी रुदन करै,
काला काला कहवे र गुजरी।।



काला काला कहवे र गुजरी,

मत काले का जिक्र करै,
काले रंग पे मोरनी रुदन करै,
काला काला कहवे र गुजरी।।

गायक – नरेंद्र कौशिक।
प्रेषक – राकेश कुमार खरक जाटान
9992976579

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