आप तो चालो श्याम धनी,
हो लीले पे सवार,
मैने भी दिलादे ओ बाबा,
काले रंग की थार,
फिर खाटू आऊं,
लेके ने सारा परिवार।।
इब तक तो बाबा तेरे दर,
पै मै ही अकेला आऊँ,
बालक छोटे दूर का रस्ता,
भीड़ में कैसे ल्याऊ,
मेरी घरवाली भी करले सै,
आवन की तकरार,
इस करके दिलादे ओ बाबा,
काले रंग की थार।।
बोनट पै निशान बांध कै,
जीब जीब खाटू आऊं,
तेरे मिलन को जो तरसे,
उन प्रेमियों को ल्याउ,
पिछले शीशे पै लिखवाऊ,
श्याम धनी सरकार,
मैने भी दिलादे ओ बाबा,
काले रंग की थार।।
नई नई गाड़ी जब आवै घर में,
कीर्तन तेरा कराऊँ,
मित्र प्यारों रिश्तेदारों को,
कीर्तन मै बुलाऊ,
बहादुर सैनी से बाबा,
गुणगान भजन करवाऊं,
कलकत्ता के फूलों से,
करवाऊं तेरा श्रृंगार,
मैने भी दिलादे ओ बाबा,
काले रंग की थार।।
आप तो चालो श्याम धनी,
हो लीले पे सवार,
मैने भी दिलादे ओ बाबा,
काले रंग की थार,
फिर खाटू आऊं,
लेके ने सारा परिवार।।
गायक – बहादुर सैनी।
प्रेषक – सन्नी श्याम दीवाना।
9996331214








