जिसने कलयुग में लिया अवतार है भजन लिरिक्स

जिसने कलयुग में लिया अवतार है,
वो शीश का दानी खाटू वाला श्याम है,
भक्तों के लिए वो हरदम तैयार है,
मेरा श्याम है, मेरा श्याम है,
जिसने कलयुग मे लिया अवतार है,
वो शीश का दानी खाटू वाला श्याम है।।

तर्ज – कब तक चुप बैठे।



दरबार में इनके देखो,

जाते है नर और नारी,
सुनते है सबकी विनती,
मेरे बाबा शीश के दानी,
भक्तों के लिए वो हरदम तैयार है,
मेरा श्याम है, मेरा श्याम है,
जिसने कलयुग मे लिया अवतार है,
वो शीश का दानी खाटू वाला श्याम है।।



खाटू वाले से देखो,

रिश्ता है बहुत पुराना,
बचपन से फिरूं मैं देखो,
बनकर के इनका दीवाना,
मेरे श्याम धणी से मुझको मिला प्यार है,
मेरा श्याम है, मेरा श्याम है,
जिसने कलयुग मे लिया अवतार है,
वो शीश का दानी खाटू वाला श्याम है।।



बाबा के भरोसे ही तो,

चलता है ये परिवार,
‘नीरज’ की विनती सुनने,
को रहता है तैयार,
पहचान मेरी तो खाटू वाला श्याम है,
मेरा श्याम है, मेरा श्याम है,
जिसने कलयुग मे लिया अवतार है,
वो शीश का दानी खाटू वाला श्याम है।।



जिसने कलयुग में लिया अवतार है,

वो शीश का दानी खाटू वाला श्याम है,
भक्तों के लिए वो हरदम तैयार है,
मेरा श्याम है, मेरा श्याम है,
जिसने कलयुग मे लिया अवतार है,
वो शीश का दानी खाटू वाला श्याम है।।

Singer – Niraj Kejriwal


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