जब टूट जाता हूँ गम के जमाने में भजन लिरिक्स

जब टूट जाता हूँ गम के जमाने में भजन लिरिक्स

जब टूट जाता हूँ,
गम के जमाने में,
श्यामा जू बुला लेती,
मुझको बरसाने में,
लाड़ली करती मुझे इतना प्यार,
आ जाता बैचेन दिल को करार।।

तर्ज – मिलना हमें तुमसे।



मुझे गिरने ना देती,

झट थाम लेती है,
गोदी में बिठा कर के,
आराम देती है,
लाड़ली करती मुझे इतना प्यार,
आ जाता बैचेन दिल को करार।।



मुझे रोने ना देती,

झट चुप कराती है,
आंचल में छुपा कर के,
मुझ को सहलाती है,
लाड़ली करती मुझे इतना प्यार,
आ जाता बैचेन दिल को करार।।



जीवन में अंधियारी जब,

शाम आती है,
पूनम का बन कर चांद,
श्यामा जू आती है,
लाड़ली करती मुझे इतना प्यार,
आ जाता बैचेन दिल को करार।।



जन्नत में क्या रख्खा,

सब खाक जमाने में,
कहीं और नहीं मिलता,
जो सुख बरसाने में,
लाड़ली करती मुझे इतना प्यार,
आ जाता बैचेन दिल को करार।।



जब टूट जाता हूँ,

गम के जमाने में,
श्यामा जू बुला लेती,
मुझको बरसाने में,
लाड़ली करती मुझे इतना प्यार,
आ जाता बैचेन दिल को करार।।

स्वर – साध्वी पूर्णिमा दीदी जी।
प्रेषक – अमित राजपूत।
7535035135


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