प्रथम पेज कन्हैया मित्तल भजन इतना सजो ना मेरे सेठ सांवरे कही नजर ना कोई लग जाए

इतना सजो ना मेरे सेठ सांवरे कही नजर ना कोई लग जाए

इतना सजो ना मेरे सेठ सांवरे,
कही नजर ना कोई लग जाए,
इस लिए ज्यादा देर रुकता नहीं,
कही नजर ना मेरी लग जाए,
इतना सजो ना मेरे सेठ साँवरे,
कही नजर ना कोई लग जाए।।



सांवला सा चेहरा तिलक पीला पीला है,

माथे पे मुकट बाबा श्याम के रंगीला है,
इत्तर की खुशबु से मन खिलता,
जब दर्शन कोई पाए जाए,
इतना सजो ना मेरे सेठ साँवरे,
कही नजर ना कोई लग जाए।।



दो दो बार ठाठ से ये भोग लगाता है,

पांच पांच बार बाबा आरती कराता है,
आठ आठ घंटे भगत खड़े ते,
बस इक झलक मिल जाए,
इतना सजो ना मेरे सेठ साँवरे,
कही नजर ना कोई लग जाए।।



भजनों का रसिया है भजन सुनाये जा,

भजनों के जरिये तू अर्जी लगाए जा,
कर ले भजन दिल खोल बावरे,
कही वक़्त निकल ना जाए,
इतना सजो ना मेरे सेठ साँवरे,
कही नजर ना कोई लग जाए।।



इतना सजो ना मेरे सेठ सांवरे,

कही नजर ना कोई लग जाए,
इस लिए ज्यादा देर रुकता नहीं,
कही नजर ना मेरी लग जाए,
इतना सजो ना मेरे सेठ साँवरे,
कही नजर ना कोई लग जाए।।

Singer – Kanhiya Mittal Ji


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