गोरया में धाम पुजारी,
दर्शन न दुनिया आरी,
हर्षा सु रूट चलेगी र,
या जीण भवानी म्हारी।।
कियो पाप मन र माई,
नंदूल स शर्त लगाई,
सरवर सु मटकी ल्यास्या ये,
सुण जीण भवानी मारी।।
हर्षा को मन भटकाई,
या फेर करी चतुराई,
मटकी लेर घरा न आगी र,
जीण भवानी म्हारी।।
मटकी भाभी की उतारी,
मनड़ा में झाल आरी,
बिरा न छोड चलेगी र,
या जीण भवानी म्हारी।।
थे महर करो जगदम्बा,
भगत सब जोड़ हाथ लम्बा,
भजन सुरज न गार सुणायो रे,
सुण जीण भवानी म्हारी।।
गोरया में धाम पुजारी,
दर्शन न दुनिया आरी,
हर्षा सु रूट चलेगी र,
या जीण भवानी म्हारी।।
Singer – Suraj Kumawat
9929166403








