घुंघटीयो झीणो झीणो सांवरिया नैण मिला ले रे

घुंघटीयो झीणो झीणो,
घुंघटीयों झीणों झीणों,
सांवरिया नैण मिला ले रे,
घुंघटीयों झीणों झीणों।।



सोणा सोणा गजरा लागे,

गिणवा द्यूँ नाके नाके,
बस काली टिकी लगा ले रे,
घुंघटीयों झीणों झीणों।।



तू मत ना नैण झुकावे,

क्यों मेरे से शरमावे,
थोड़ा सा नैण उठा ले रे,
घुंघटीयों झीणों झीणों।।



मेरे से नैण मिलावे,

ये पोल पड़ी हट जावे,
तेरे नैणा ने समझा ले रे,
घुंघटीयों झीणों झीणों।।



बिन नैण मिलाया ना जाऊं,

अब काढ़ अठे ही गिराऊँ,
बनवारी यूँ मत टाले रे,
घुंघटीयों झीणों झीणों।।



घुंघटीयो झीणो झीणो,

घुंघटीयों झीणों झीणों,
सांवरिया नैण मिला ले रे,
घुंघटीयों झीणों झीणों।।

गायक – गणेश चौरसिया।


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