फागण आ गयो रे खाटू नगरी में सज गयो बाबो रे लिरिक्स

फागण आ गयो रे,
खाटू नगरी में सज गयो बाबो रे,
फागण आ गयों रे।।

तर्ज – धमाल।



केसरिया यो बागो पहने,

गल वैजन्ती माला रे,
सतरंगी यूँ घुमा घुमा कर,
सतरंगी यूँ घुमा घुमा कर,
बांध्यो फेटो रे,
फागन आ गयो रे,
फागन आयो रे,
खाटू नगरी में सज गयो बाबो रे,
फागण आ गयों रे।।



चंग नगाड़ा बाजण लाग्या,

झालर की झंकार रे,
मोरछड़ी का झाड़ा देवे,
मोरछड़ी का झाड़ा देवे,
दे फटकारो रे,
फागन आ गयो रे,
फागन आयो रे,
खाटू नगरी में सज गयो बाबो रे,
फागण आ गयों रे।।



सांवरियो है घणो दयालु,

‘सत्या’ किस्मत चमकावे,
‘ऋतू’ भी थाने भजन सुनावे,
‘ऋतू’ भी थाने भजन सुनावे,
झूमे गावे रे,
फागन आ गयो रे,
फागन आयो रे,
खाटू नगरी में सज गयो बाबो रे,
फागण आ गयों रे।।



फागण आ गयो रे,

खाटू नगरी में सज गयो बाबो रे,
फागण आ गयों रे।।

Singer – Ritu Pandey


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