दुदवर गाँव में बनीयो देवरो सती माताजी रो धाम लिरिक्स

दुदवर गाँव में बनीयो देवरो,

दोहा – बैठी कुल री मावडी,
सती माता कहलाय,
दुदवर गांव में बनीयो देवरो,
मैया दर्शन दीना आय,
जमना बाई थाने पूजता ने,
सेवा करे दिन रात,
जमा जगावे थारे नाम रा,
माँ राखो सिर पर हाथ।



दुदवर गाँव में बनीयो देवरो,

सती माताजी रो धाम,
भगत थारे आवे घणा,
सती माताजी रो धाम,
भगत थारे आवे घणा,
दर्शन ने चालो मैया रे देवरे ओ माँ।।



अरे दूरा देशारा आवे जातरू,

निवन करे नर नार,
सती माँ ने ध्यावे घणा,
निवन करे नर नार,
सती माँ ने ध्यावे घणा,
दर्शन ने चालो रे,
सती माँ रे देवरे ओ माँ।।



अरे ढोल नगाडा बाजे नोपता,

झालर रो झनकार,
माताजी ने ध्यावे घणा,
झालर रो झनकार,
माताजी ने ध्यावे घणा,
अरे नोपत नगाडा बाजे देवरे ओ माँ।।



अरे शाम सवेरे होवे आरती,

ज्योत जागे दिन रात,
सती माँ ने ध्यावे घणा,
ज्योति जागे दिन रात,
सती माँ ने ध्यावे घणा,
अरे ज्योता रे हलकारे,
सती माँ आवजो रे माँ।।



अरे जमना बाई थारी करे सेवना,

सेवा करे दिन रात,
मनावे थाने घणा घणा,
सेवा करे दिन रात,
मनावे थाने घणा घणा,
अरे चरना मे आयो री,
लजीया राखजो ओ माँ।।



दुदवर गांव मे बनीयो देवरो,

सती माताजी रो धाम,
भगत थारे आवे घणा,
सती माताजी रो धाम,
भगत थारे आवे घणा,
दर्शन ने चालो मैया रे देवरे ओ माँ।।

गायक – महेंद्र सिंह जी राठौर।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
9640557818


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