म्हारा हर धंधा में नाम सेठ जी को,
धंधो चलावे म्हारो सांवरियो,
धंधो चलावे मारो सांवरियो।।
मारी रे अमल सांवरिया आप रे भरोसे,
हरी भरी ने देख लोग जलबा वाला रूसे,
मैं तो जलबा वाला ने ओर चलाऊ लो,
धंधो चलावे मारो सांवरियो।।
जीने भी में मारी लारा काम पे लगायो,
रात दिन एक कर धंधो सिखायो,
ऊ तो मारे ही लात लगावे लो,
धंधो चलावे मारो सांवरियो।।
जो भी माने गिराबा को प्लान बनावे,
सेठ सांवरिया वाने ठिकाने लगावे,
मारा माथा ऊपर हाथ सदा सेट जी को,
धंधो चलावे मारो सांवरियो।।
सब भगता री बिगड़ी बनावे,
सांचा मन सू जो सांवरिया ने ध्यावे,
सेठ सबका कारज सारे लो,
धंधो चलावे मारो सांवरियो।।
कानुड़ो कांकर को भजना में गावे,
मंडफिया वाला सांवरिया थाने ही मनावे,
सेठ कानुड़ा री नाव चलावे लो,
धंधो चलावे मारो सांवरियो।।
म्हारा हर धंधा में नाम सेठ जी को,
धंधो चलावे म्हारो सांवरियो,
धंधो चलावे मारो सांवरियो।।
गायक – कन्हैया लाल कांकर।








