दर्शन देता जईजो जी सतगुरु मिलता जईजो जी लिरिक्स

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दर्शन देता जईजो जी सतगुरु मिलता जईजो जी लिरिक्स

दर्शन देता जईजो जी,
सतगुरु मिलता जईजो जी।

दोहा – सतगुरु आवत देखीया,
जारे खांधे लाल बंदूक,
गोली दागी हरी नाम री,
तो भाग गया जमदुत।
सतगुरु मेरा बाणीया,
तो बीणज करे व्यापार,
बीन डांडी बनी ताकडी,
गुरू तोल दिया संसार।

दरशण देता जईजो जी,
सतगुरु मिलता जईजो जी,
मारे पिवरीये री बाता थोड़ी,
माने कहता जईजो जी।।



सोने जेडी पीली आ दुनिया बतावै रोग,

सोने जेडी पीली आ दुनिया बतावै रोग,
रोग दोग मारे काई नी लागे,
रोग दोग मारे काई नी लागे,
गुरू मीलण रो जोग,
दरशण देता जईजो जी,
सतगुरु मिलता जईजो जी,
मारे पिवरीये री बाता थोड़ी,
माने कहता जईजो जी।।



मारे बाबे माने बींद बतायो,

पकड बताई बाय,
मारे बाबे माने बींद बतायो,
पकड बताई बाय,
कोए को मे कोई ना समझु,
कोए को मे कोई ना समझु,
जीव भजन रे माय,
दरशण देता जईजो जी,
सतगुरु मिलता जईजो जी,
मारे पिवरीये री बाता थोड़ी,
माने कहता जईजो जी।।



मारे देश रा लोग भला है,

पेरे कंटी माला,
मारे देश रा लोग भला है,
फेरे कंटी माला,
मारा लागे वे भाई भतीजा,
मारा लागे वे भाई भतीजा,
राणा जी रा साला,
दरशण देता जईजो जी,
सतगुरु मिलता जईजो जी,
मारे पिवरीये री बाता थोड़ी,
माने कहता जईजो जी।।



सासरीयो संसार छोडीयो,

पिव ही लागे प्यारों,
सासरीयो संसार छोडीयो,
पिव ही लागे प्यारों,
बाई रे मीरा ने गीरधर मोरीयो,
बाई रे मीरा ने गीरधर मोरीयो,
चरण कमल लीपटायो,
दरशण देता जईजो जी,
सतगुरु मिलता जईजो जी,
मारे पिवरीये री बाता थोड़ी,
माने कहता जईजो जी।।



दर्शन देता जईजो जी,

सतगुरु मिलता जईजो जी,
मारे पिवरीये री बाता थोड़ी,
माने कहता जईजो जी।।

स्वर – प्रकाश जी माली।
प्रेषक – नारायण जांगीड।