छोटा सा घर है गुरुवर मेरा भजन लिरिक्स

छोटा सा घर है,
गुरुवर मेरा,
हो न पाएगा,
स्वागत तेरा,
कैसे करूँ सेवा,
गुरूदेवा, मै न जानूँ,
छोटा सा घर हैं,
गुरुवर मेरा।।

तर्ज – कोरा कागज़ था।



टूटी है खटिया प्रभू,

कैसे बिठाऊँ,
कैसे मै घर तुम्हे,
अपने बुलाऊँ,
कैसे करुँ सेवा,
गुरूदेवा, मै न जानूँ
छोटा सा घर हैं,
गुरुवर मेरा,
हो न पाएगा,
स्वागत तेरा।।



सूखी है रोटी प्रभू,

कैसे खिलाऊँ,
आरती बिना दीपक,
कैसे सजाऊँ,
कैसे करुँ सेवा,
गुरूदेवा, मै न जानूँ
छोटा सा घर हैं,
गुरुवर मेरा,
हो न पाएगा,
स्वागत तेरा।।



दास गरीब़ हूँ मै,

क्या करूँ अर्पण,
चाह यही है कि,
मिल जाए दर्शन,
कैसे करुँ सेवा,
गुरूदेवा, मै न जानूँ
छोटा सा घर हैं,
गुरुवर मेरा,
हो न पाएगा,
स्वागत तेरा।।



छोटा सा घर है,

गुरुवर मेरा,
हो न पाएगा,
स्वागत तेरा,
कैसे करूँ सेवा,
गुरूदेवा, मै न जानूँ,
छोटा सा घर हैं,
गुरुवर मेरा।।



– भजन लेखक एवं प्रेषक –

शिवनारायण वर्मा,
मोबा.न.8818932923
/7987402880

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