चरणों से तेरे लिपटी रहूँ मैं,
राधा राधा जपती रहूँ मैं,
मेरी कलम मे राधा,
गीत में मेरे राधा,
संगीत में है राधा,
जीवन में राधा,
जब जब मैं राधा गाऊँ,
कान्हा के दर्शन पाऊँ,
सुबह शाम राधा ही,
राधा पुकारूँ।।
तर्ज – सैयारा।
राधा राधा मेरे मन में बसीं है,
राधा बिना मेरा कोई नहीं है।।
जब से तुम्हें है पाया,
राधा ही राधा गाया,
है सब तुम्हारा ही,
जो भी मैंने पाया,
तेरी ही हूँ बस राधे,
चरणों से अपने लगाले,
जाऊँ अगर दुनिया से,
मन मेरा राधा पुकारे,
हर साँस में है राधा,
धड़कन में मेरी राधा,
जी नहीं पाऊँ मैं,
तुम्हारे बिन राधा।।
राधा राधा मेरे मन में बसीं है,
राधा बिना मेरा कोई नहीं है।।
चरणों से तेरे लिपटी रहूँ मैं,
राधा राधा जपती रहूँ मैं,
मेरी कलम मे राधा,
गीत में मेरे राधा,
संगीत में है राधा,
जीवन में राधा,
जब जब मैं राधा गाऊँ,
कान्हा के दर्शन पाऊँ,
सुबह शाम राधा ही,
राधा पुकारूँ।।
Singer & Lyrics – Divya Tyagi








