चलो अपनी नगरिया,
बुलाएँ वीरा,
ज्ञान अमृत जहाँ,
बरसाएँ वीरा।।
मम्मी चलो और पापा चलो रे,
काकी चलो और काका चलो रे,
जहां विपदा सबई की,
मिटाएं वीरा,
चलों अपनी नगरिया,
बुलाएँ वीरा।।
मामी चलो और मामा चलो रे,
भाभी चलो और भैया चलो रे,
जहाँ खुशियाँ ही खुशियाँ,
लुटायें वीरा,
चलों अपनी नगरिया,
बुलाएँ वीरा।।
दादी चलो और दादा चलो रे,
नानी चलो और नाना चलो रे,
पार नैया भंवर से,
लगाएं वीरा,
चलों अपनी नगरिया,
बुलाएँ वीरा।।
हम भी चलें और तुम भी चलो रे,
सारे नगरिया के वासी चलो रे,
ज़िंदगानी सबई की,
बनाएं वीरा,
चलों अपनी नगरिया,
बुलाएँ वीरा।।
चलो अपनी नगरिया,
बुलाएँ वीरा,
ज्ञान अमृत जहाँ,
बरसाएँ वीरा।।
Singer / Lyricist – Manoj Kumar Khare
9584645408








