हरि हर एक है दोनों ना ये कम है ना वो कम है
हरि हर एक है दोनों, ना ये कम है ना वो कम है।। तर्ज - सखी री बांके बिहारी से।...
Read moreDetailsहरि हर एक है दोनों, ना ये कम है ना वो कम है।। तर्ज - सखी री बांके बिहारी से।...
Read moreDetailsसच्चा धरम नहीं जाना, तूने रे भाई, सच्चा धर्म नही जाना।। माथे पे चंदन तिलक लगावे, माला गले में भारी,...
Read moreDetailsएक दिन रोओगे चीख पुकार के, माता पिता की अपने मूर्ति निहार के।। तर्ज - छुप गया कोई रे। सिर...
Read moreDetailsरे मन मुसाफिर निकलना पड़ेगा, काया कुटी खाली करना पड़ेगा।। देखे - हंसा निकल गया काया से। चमड़े के कमरे...
Read moreDetailsपितरा को आशीर्वाद, म्हाने तो मालामाल करग्यो, निहाल करग्यो जी, मालामाल करग्यो, पितरां को आशिर्वाद, म्हाने तो मालामाल करग्यो।। तर्ज...
Read moreDetailsहै मात पिता उपकारी, महिमा है इनकी न्यारी, मुझे इस दुनिया में लाकर, मेरी जिंदगी सँवारी, ये मात पिता मेरे...
Read moreDetailsकहाँ हाथ पकड़ोगे, दुनिया का बाबा, जीने में भी तौबा और, मरने में भी तौबा।। तर्ज - तेरे प्यार का...
Read moreDetailsचैत के महीने में आई गणगौर, लैरां ऊपर नौका हिन्डै, नौका में गणगौर, चुनड़ी उड़ासी पवन चितचोर, लैरां ऊपर नौका...
Read moreDetailsतू जितनी भी चाहे, दौलत कमा ले, माँ बाप से बढ़कर, कोई धन नहीं है, माँ बाप से बढ़कर, कोई...
Read moreDetailsभागीरथ ले आया तुमको, हो गई अमर कहानी। दोहा - राम सम नहीं धीरता, लक्ष्मण सम नहीं वीर, सीता सम...
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