जिंदगी में हजारों का मेला जुड़ा हंस जब जब उड़ा भजन लिरिक्स
जिंदगी में हजारों का मेला जुड़ा, हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा। काल से बच ना पाएगा छोटा बड़ा,...
Read moreDetailsजिंदगी में हजारों का मेला जुड़ा, हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा। काल से बच ना पाएगा छोटा बड़ा,...
Read moreDetailsचदरिया झीनी रे झीनी, दोहा - कबीरा जब हम पैदा हुए, जग हँसे हम रोये, ऐसी करनी कर चलो, हम...
Read moreDetailsभजना मे जावा कोनी दे, सतसंग मे जावा को नी दे, जम्बुला मे जावा को नी दे, अछि रे परनाई...
Read moreDetailsअब सौंप दिया इस जीवन का, सब भार तुम्हारे हाथों में, है जीत तुम्हारे हाथों में, और हार तुम्हारे हाथों...
Read moreDetailsजीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी, देख तमाशा लकडी का, क्या जीवन क्या मरण कबीरा, खेल रचाया लकडी का।। देखे...
Read moreDetails© 2016-2025 Bhajan Diary