बेरी तू राम भजेलो कब रे देसी भजन लिरिक्स
बेरी तू राम भजेलो कब रे, दोहा - गोरे गोरे तन पे तू, बावरे गुमान करे, रंग सो पतंग तेरे,...
Read moreDetailsबेरी तू राम भजेलो कब रे, दोहा - गोरे गोरे तन पे तू, बावरे गुमान करे, रंग सो पतंग तेरे,...
Read moreDetailsसुआ बोल राम की वाणी, दोहा - कुंजर मद मस्त मरे तो मारिए, कामनी कनक कलेश टले तो टालिए, हरि...
Read moreDetailsराम भजन करले रे म्हारा मनवा, दोहा - लोभ सदा जिनके धन को जन, सो निश्वासर दाम भजे, भोग इच्छा...
Read moreDetailsसतगुरु शरण गयो सुख पायो, दोहा - कहे दास सगराम, गुरु की महिमा भारी, कीकर वरणी जाय, जीब धुजे रे...
Read moreDetailsकागज मंड गयो रे कर्मा को, दोहा - तारा की ज्योति में चंद्र छिपे ना, सूर्य छिपे ना बादल छाया,...
Read moreDetailsप्रितम पायो रे काया में, दोहा - पूरण भेंट लिया गुरु पूरण, पूरण बोध भया अज मोई, पूरण की पहचान...
Read moreDetailsभजन कर नर स्वांसों की, दोहा - उपकार बडो निज धर्म कहे, तन से मन से धन से कर रे,...
Read moreDetailsपाखंड में नर क्यों भटका खावे रे, दोहा - उपकार बडो निज धर्म कहे, तन से मन से धन से...
Read moreDetailsआजा खाजा रे दवाई, गुरुजी वैद्य आया। दोहा - टेडे मेडे गोलमोल, सिलावट पाषाण को, विविध प्रकार, धर मूर्ति बनाय...
Read moreDetailsयूँ जन्म सफल हो जावे रे, दोहा - संग सदा करिए तिन को, जिन संग कलंक लगे नहीं कोई, दूर...
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