लिख लिख अरजी भेजू रुणीजे भजन लिरिक्स
लिख लिख अरजी भेजू रुणीजे, दोहा - अर्जी लिखूं में आपने, और सुनजो रामा पीर, हेलो सुनने आवजो, बाबा धरो...
Read moreDetailsलिख लिख अरजी भेजू रुणीजे, दोहा - अर्जी लिखूं में आपने, और सुनजो रामा पीर, हेलो सुनने आवजो, बाबा धरो...
Read moreDetailsथाने काई काई कह, समझाऊँ म्हारा बाला गिरधारी, पूर्व जनम री प्रीति हमारी, अब नहीं जात निवारी, थाने कांई कांई...
Read moreDetailsभक्ति है कालो नाग, कोई नर पकड़ो मती, पकड़ो मती भाया पकड़ो मती, पकड़ लेवो पछे छोड़ो मती।। शब्द पियाला...
Read moreDetailsमाँ बाप ने छोड़, बेटा होग्या न्यारा।। दोहा - हो जाए पूत कपूत, मूंग छाती पर दलता, झूठ कहती है...
Read moreDetailsसमझ समझ म्हारी भोली काया, थोड़ा जीने के कारण, क्या जोड़े माया।। ऊंचा ऊंचा महल माल्या, नीचा रे दरवाजा, ऐ...
Read moreDetailsस्वार्थ रो है सारो संसार, मतलब रो मिठो बोले मानखो, भाई रे भजले तू भगवत रो नाम दोय दिना रो...
Read moreDetailsऐसी करी गुरुदेव दया, मेरे मोह का बन्धन तोड़ दिया।। दौड़ रहा दिन रात सदा, जग के सब कार बिहारन...
Read moreDetailsधिन धरती धिन समराथल रो धाम जी, जम्भेश्वर रटियो हरि रो नाम जी, ऊंचों धोरो ऊजलो जठे जाम्भोजी विराजे जी,...
Read moreDetailsदूदेश्वर पर्चा देवे गणेरा, मारे मन रा काज सरीजे जेरण में, मेलो महादेव रो भरीजे।। कैलाशपुरी से शंकर आया, संग...
Read moreDetailsजाग जाग नगरी का राजा, सुता शेर जगाया, नगर में जुना योगी आया।। पवन स्वरूपी रूप नही रेता, मन का...
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