भोमिया जी रमता पधारो म्हारे आंगणिया भजन लिरिक्स
भोमिया जी रमता पधारो, म्हारे आंगणिया, थारी घणी वो करूला मनवार, पधारो मारे आंगणिया।। भोमिया जी ढोल ने, नगाड़ा बाजे...
Read moreDetailsभोमिया जी रमता पधारो, म्हारे आंगणिया, थारी घणी वो करूला मनवार, पधारो मारे आंगणिया।। भोमिया जी ढोल ने, नगाड़ा बाजे...
Read moreDetailsहंसा सुन्दर काया रो, मत करजे अभिमान, आखिर एक दिन जाणो रे, मालिक रे दरबार, आखिर एक दिन जाणो रे,...
Read moreDetailsथासु विनती करा हाँ बारंबार, सुनो जी सरकार, खाटू का राजा मेहर करो।। था बिन नाथ अनाथ की जी, कुण...
Read moreDetailsबालासा म्हारा कीर्तन में आवो जी, एक बार थे आजावो, म्हे ढोक लगावा जी।। म्हे मनमा थारी, ज्योत जगावा जी,...
Read moreDetailsघुड़लो मोड़ दो सावरियाँ, थारो भगता री ओर, थारा टाबरिया बुलावे बाबा, आवो म्हारी ओर।। खेचलो नकेल थारे, घोड़ले री...
Read moreDetailsसांवरा थारी माया रो, पायो कोनी पार। श्लोक - मीरा जन्मी मेड़ते, वा परणाई चित्तोड़, राम भजन प्रताप सु, वा...
Read moreDetailsजग घूमिया माँ के जैसा ना कोई, जय हो ज्वालामुखी मैंय्या थारी, जय हो शेरोवाली मैंय्या थारी, थारा परचा रो...
Read moreDetailsमाजीसा कठे रे सोया, सुख भर नींद में, माजीसा कठे रे लगाई इतरी देर, जागण में बेगा आवजो।। माजीसा जसोलगढ़...
Read moreDetailsरात सूतो ने सपनो आयो, हिचकी आ सतावे, जसोल वाली माजीसा, मने आपरी याद सतावे, जसोल वाली भटियानी माँ, मने...
Read moreDetailsगणपत गरवा ओपरा रे, सिंवरो भाई संतो। श्लोक - सौ सौ चन्दा ऊगवे, सूरज तपे हजार, इतरा चानण होत भी,...
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