राजस्थानी भजन

Rajasthani Bhajan Lyrics

पन्ना कालीवा अंधियारी माँझल रात पन्नाधाय की मार्मिक कविता

पन्ना कालीवा अंधियारी माँझल रात, अंधियारी आधी रात, नन्हा सो ऊंधियो साथ, चितोड दुर्ग सु एकली चली, कुम्भलगढ़ सु चाल...

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