लख चौरासी जून भोगता जीव घणो दुख पावे रे
लख चौरासी जून भोगता, जीव घणो दुख पावे रे, राम नाम रो सुमिरन करले, जीन सु मुक्ति पावे रे, राम...
Read moreDetailsलख चौरासी जून भोगता, जीव घणो दुख पावे रे, राम नाम रो सुमिरन करले, जीन सु मुक्ति पावे रे, राम...
Read moreDetailsअब कई सोच करे रे मनवा, अब कईं सोच करे, गुरूदेव कहे जो होय मनवा, अब कईं सोच करे।। मारा...
Read moreDetailsसंग चले वीर हनुमान देवता सारा, तुम ऋद्धि सिद्धि ले घर आवो, गणपत प्यारा।। एक ब्रम्हाजी रा मंदिर बण्या हद...
Read moreDetailsगुरु जी पधारिया मेहमान, आज म्हारे आंगन में।। सतगुरु आया आनन्द छाया, फूला वाली सेज बिचाया, कंकु का तिलक लगाय,...
Read moreDetailsसतगुरु जी बेगा आवो जी, हरो हमारी पीर, हरो हमारी पीर, दयालु हरो हमारी पीर।। सतगुरु आवो शब्द सुनाओ, मुझे...
Read moreDetailsअलख निरंजन निज निराकारी, विभो नभ ज्यूँ अलख पसारी।। निर्गुण से सिर्गुण हो आया, ज्योति स्वरूप है आपकी माया। अलख...
Read moreDetailsकेवे भाटी हरजी सुणो गुरुदेवा, जनम जनम बाबा करूँ चरणा की सेवा।। न कोई बात पीर जी आपके छाने, थोड़ी...
Read moreDetailsसिमरू माता शारदा, गणपत लागू पाए, सुण्डाले ने सिमरू, गणपत लागू पाय है, हरी खेऊ गुगल धूप हरी ने।। आगणौ...
Read moreDetailsम्हारा रोकड़िया हनुमान, दोहा - हनुमत तेरी धाक से, धूजे लंका कोट, करेली मजूरी राम की, तूने पायो लाल लंगोट।...
Read moreDetailsजल में तो डूबी नाव, नावडीयो काई रे करे। दोहा - कबीर सब जग निरधना, तो धनवंता ना कोई, धनवंता...
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