मनिहारी का भेष बनाया भजन लिरिक्स
मनिहारी का भेष बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया, छलिया का भेष बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया।। झोली कंधे धरी, उस...
Read moreDetailsमनिहारी का भेष बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया, छलिया का भेष बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया।। झोली कंधे धरी, उस...
Read moreDetailsश्री बांके बिहारी लाल गोपाल, मन रखियो अपने चरणन मे, मन रखियो अपने चरणन मे, तन रखियो श्री व्रँदावन मे।।...
Read moreDetailsम्हारा बाल गोविंदा जी, की म्हारे घर रमवा आजो जी, ठाकुर छेल छबीला जी, की म्हारे घर रमवा आजो जी।।...
Read moreDetailsघनश्याम तेरी बंसी, पागल कर जाती है, मुस्कान तेरी मोहन, घायल कर जाती है।। सोने की होती तो, क्या करते...
Read moreDetailsभोर भये पनघट पे, मोहे नटखट श्याम सताए, मोरी चुनरिया लिपटी जाये, मै का करू हाये राम है हाये।। कोई...
Read moreDetailsतेरी माया का ना पाया कोई पार, की लीला तेरी तु ही जाने। दोहा - ज्योतिपुंज एक गगन से, चला...
Read moreDetailsये तो प्रेम की बात है उधो, बंदगी तेरे बस की नहीं है, यहाँ सर देके होते है सौदे, आशिकी...
Read moreDetailsछोटी छोटी गैया छोटे छोटे ग्वाल, छोटो सो मेरो मदन गोपाल।। ये भी देखें - राधिका गोरी से। आगे आगे...
Read moreDetailsतेरी बंसी पे जाऊं बलिहार रसिया, मैं तो नाचुँगि बीच बजार रसिया।। ओढ़ के आई मैं तो लाल चुनारिया, मटकी...
Read moreDetailsसाँवरे से मिलने का, सत्संग ही बहाना है, चलो सत्संग में चलें, हमें हरी गुण गाना है, सांवरे से मिलने...
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