हे कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी
हे कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा, विनती हमारी सुन ले मुरारी, आये है हम तो दर पे...
Read moreDetailsहे कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा, विनती हमारी सुन ले मुरारी, आये है हम तो दर पे...
Read moreDetailsफागुन की बहार, लाई मस्ती की फुहार, मैं तो चला अपने बाबा, श्याम के दरबार, होगी भिड़ अपार, पर सुनते...
Read moreDetailsआया हूँ दर तुम्हारे, जाने ना दे ओ प्यारे, धुतकारते मुझे वो, धुतकारते मुझे वो, जिनका मैं हूँ सगा रे,...
Read moreDetailsघोड़लियो नाचे जी, आज घोड़लियो नाचे जी, म्हारा श्याम धनी के कीर्तन में, घोड़लियो नाचे जी।bd। लाल कसुमल जीन कसी...
Read moreDetailsद्वापर में कृष्ण कन्हैया ने, क्या अदभुत खेल रचाया था, ले बर्बरीक से शीष दान, कलयुग का देव बनाया था,...
Read moreDetailsआयो फागण रंग रंगीलो, ले हाथा में निशान चलो, म्हारे सांवरिया के धाम चलो।bd। तर्ज - काला काला कहे गुजरी।...
Read moreDetailsबैगा चलो रे, बाबा को बुलाओ, खाटू से आयो रे, बेगा चालो रे।। फागुन के मेला के माही, श्याम धणी...
Read moreDetailsसुनो ओ भगतो, वेगा हालो, चालो खाटू धाम, फागणियो आयो है, होली खेलेगो श्याम, फागणियो आयो है, होली खेलेगों श्याम।।...
Read moreDetailsजोगन आज तिहारी, घनश्याम हो गई। दोहा - जोगनियां का भेष बनाके, तुम्हे पुकारूं मोहन, रखलो लाज मेरी कान्हा, बन...
Read moreDetailsतुझसे ना कुछ छिपा है, तुझको तो सब पता है, तुझको तो सब पता है।। तर्ज - हमको तो आसरा...
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