फिर से सावन की रुत आई लख्खा जी भजन लिरिक्स
फिर से सावन की रुत आई, मौका चूक ना जाना भाई, दरबार में भोले शंकर के, गंगा जल भरके चलो,...
Read moreDetailsफिर से सावन की रुत आई, मौका चूक ना जाना भाई, दरबार में भोले शंकर के, गंगा जल भरके चलो,...
Read moreDetailsआओ बसाये मन मंदिर में, झांकी सीताराम की, जिसके मन में राम नहीं वो, काया है किस काम की।। तर्ज...
Read moreDetailsश्री श्याम जपो हर वक़्त वक़्त, घनश्याम जपो हर वक़्त।। तर्ज - तू चीज बड़ी है श्री श्याम जपो हर...
Read moreDetailsकितने महान दाता, कितने महान दानी, कितने महान दानी है ये, खाटु वाले श्याम, भक्तो को दिया करते है, जो...
Read moreDetailsउद्धार करो आके प्रभु देवकीनंदन, तर्ज - कुछ याद करो अपना पवनसुत। श्लोक - अब आओ हे मोहन मुरार, भक्तो...
Read moreDetailsकन्हैया नाम है तेरा, तो नैया पार कर देना, अरे ओ बांसुरी वाले, सुनो भक्तो के रखवाले, कन्हैया नाम हैं तेरा,...
Read moreDetailsशिवनाथ तेरी महिमा आ आ, शिव नाथ तेरी महिमा, जब तीन लोक गाये, नाचे धरा गगन तो आ आ, नाचे...
Read moreDetailsऐ श्याम तेरे दर पर, जिसका है आना जाना, उसने ही इस जहाँ में, जीने का स्वाद जाना, ऐ श्याम...
Read moreDetailsसूरत बड़ी है प्यारी माँ की, मूरत की क्या बात है, सर पर सोहे मुकुट सुनहरा, त्रिशूल चक्र भी हाथ...
Read moreDetailsगणपति गजवदन विनायक, थाने प्रथम मनावा जी, आना कानी मत ना करीयो, थारी किरपा चावा जी, गणपति गजवदन वीनायक, थाने...
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