सालासर में बाबा का जो दरबार ना होता भजन लिरिक्स
सालासर में बाबा का जो, दरबार ना होता, हम भक्तों का फिर बेड़ा, कभी भी पार ना होता।। तर्ज -...
Read moreDetailsसालासर में बाबा का जो, दरबार ना होता, हम भक्तों का फिर बेड़ा, कभी भी पार ना होता।। तर्ज -...
Read moreDetailsइस धरती पर स्वर्ग से सुन्दर, है तेरा दरबार। तर्ज - स्वर्ग से सुन्दर सपनो से। दोहा - कोई काशी...
Read moreDetailsमेरे ब्रज की माटी चंदन है, गुणवान सभी कहते है, बृज के राजा यशोदानन्दन, गिरधारी जहाँ रहते है, मेरे बृज...
Read moreDetailsरहती है हरदम सिंह पे सवार, नैनो से झलके ममता और प्यार, बड़ी वरदानी है मेरी अम्बे माँ, पर्वतो की...
Read moreDetailsमेरी मैया, मैया, मेरी मात रे, माता तुझको चढ़ाऊँ चोला लाल रे, चोला लाल रे, ओ मेरी मैया, मेरी मात...
Read moreDetailsगुरु आलू सिंह जी की, म्हाने याद सतावै है, छोड़ गया भक्तां ने, छोड़ गया भक्तां ने, म्हारो हियो भर...
Read moreDetailsमेरे सांवरे जब भी लूं मैं जनम, तुम्हारी ही भक्ति में, तुम्हारी ही भक्ति में, लगे मेरा मन, मेरे सांवरे...
Read moreDetailsतुम्हे झूले में झुलाऊँगा, सावन को आने दो, सावन को आने दो, सावन को आने दो।। तर्ज - सावन को...
Read moreDetailsतेरे भरोसे जीवन मेरा, बाबा खाटू वाले, तुझ बिन कौन सम्भाले, तुझ बिन कौन सम्भाले।। तर्ज - मेरे नैना सावन...
Read moreDetailsहनुमान तुम्हारे द्वारे पर मैं, आया हूं इस बार, सुन लेना तू पुकार, सुन लेना तू पुकार।। तर्ज - नफरत...
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