फागुन की ग्यारस जब आ जाती है तो साँवरे की याद सताती है
फागुन की ग्यारस जब आ जाती है तो, साँवरे की याद सताती है, खाटू की गाड़ी जब छूट जाती है...
Read moreDetailsफागुन की ग्यारस जब आ जाती है तो, साँवरे की याद सताती है, खाटू की गाड़ी जब छूट जाती है...
Read moreDetailsहर ग्यारस खाटू में, अमृत जो बरसता है, उस अमृत को पीने, हर भक्त पहुँचता है, हर ग्यारस खाटु में,...
Read moreDetailsहर ग्यारस पर मैं ही आऊँ, ऐसा ना हो पाए। तर्ज - उड़ जा काले कावा। चल जा घोडा नीले...
Read moreDetailsखाटू में ग्यारस की, रात जो आती है, कीर्तन की ताली से, महफ़िल गूँज जाती है, बाबा जब सजधज कर,...
Read moreDetailsहर ग्यारस पे, दर्शन करने आएंगे, ये वादा है, दर श्याम के जाएंगे।। तर्ज - दिल दीवाना बिन सजना के।...
Read moreDetailsजाने क्यों लोग यहाँ पर, जमा होते है। तर्ज - जाने क्यूँ लोग। जाने क्या बात है, चांदनी रात में,...
Read moreDetailsहर ग्यारस ने यो खाटू बुलावे, म्हारो बाबो म्हाने लाड़ लड़ावे, मायड़ और बाबुल की जईया, हर ग्यारस ने यों...
Read moreDetailsहर ग्यारस पे मुझको, मेरे श्याम बुलाते है, वो हाथ पकड़ मेरा, खाटू ले जाते है, हर ग्यारस पे मुझको,...
Read moreDetailsमैं खाटू आऊंगा, हर ग्यारस को चरणों में, शीश नवाऊंगा, मेरे भजन से तुझको, बाबा श्याम मैं रिझाऊंगा, मैं छोड़...
Read moreDetailsमुझे रास आ गया हैं ग्यारस, को खाटू आना, यूँ ही प्यार से हमेशा, मुझे साँवरे बुलाना, मुझे रास आ...
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