जो विधि कर्म में लिखा विधाता भजन लिरिक्स
जो विधि कर्म में लिखा विधाता, मिटाने वाला कोई नहीं, वक्त पड़े पर गजभर कपड़ा, देने वाला कोई नहीं, वक्त...
Read moreDetailsजो विधि कर्म में लिखा विधाता, मिटाने वाला कोई नहीं, वक्त पड़े पर गजभर कपड़ा, देने वाला कोई नहीं, वक्त...
Read moreDetailsये तन क्या है एक पिंजरा है, इस पिंजरे में एक तोता है, ये तोता जब उड़ जाएगा, तो खाली...
Read moreDetailsचली जा रही है उमर धीरे धीरे, पल पल यूँ आठों पहर धीरे धीरे, चली जा रही हैं उमर धीरे...
Read moreDetailsक्या भरोसा हैं इस जिंदगी का, साथ देती नहीं ये किसी का।। दोहा - कहाँ से आया जाना कहाँ, आखिर...
Read moreDetailsतूने जो कमाया है, वो दूसरा ही खाएगा, खाली हाथ आया है, खाली हाथ जाएगा, खाली हाथ आया है, खाली...
Read moreDetailsक्या लेके आया बन्दे, क्या लेके जायेगा, दो दिन की जिन्दगी है, दो दिन का मेला।। दोहा - आया है...
Read moreDetailsक्या लेकर तू आया जग में, क्या लेकर तू जाएगा।। श्लोक - आए है सो जाएंगे, राजा रंक फ़क़ीर, कोई...
Read moreDetailsएक डोली चली एक अर्थी चली, फर्क दोनों में क्या है बता दे सखी।। तर्ज - एक तू जो मिला।...
Read moreDetailsदो दिन का जगत मे मेला, सब चला चली का खेला।। कोई चला गया कोई जावे, कोई गठरी बाँध सिधारे,...
Read moreDetailsओ पापी मन करले भजन, मौका मिला है तो करले जतन।। तर्ज - जिसका मुझे था इंतजार। ओ पापी मन...
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