जय राम रमा रमनं समनं
जय राम रमा रमनं समनं, भव ताप भयाकुल पाहि जनम, अवधेस सुरेस रमेस बिभो, सरनागत मागत पाहि प्रभो। राजा राम...
Read moreDetailsजय राम रमा रमनं समनं, भव ताप भयाकुल पाहि जनम, अवधेस सुरेस रमेस बिभो, सरनागत मागत पाहि प्रभो। राजा राम...
Read moreDetailsन मत्रं नो यन्त्रं तदपि च न जाने स्तुतिमहो, न चाह्वानं ध्यानं तदपि च न जाने स्तुतिकथाः। न जाने मुद्रास्ते...
Read moreDetailsश्री पितरजी चालीसा, दोहा - सबसे पहले पूजे जाते, जग में दोनों देव, एक तो श्री गणपति प्रभु, दूजे पितर...
Read moreDetailsभये प्रगट गोपाला दीनदयाला, यशोमति के हितकारी, हर्षित महतारी रूप निहारी, मोहन मदन मुरारी।।१।। कंसासुर जाना अति भय माना, पुतना...
Read moreDetailsआरती असुर निकंदन की, पवनसुत केसरी नंदन की।। धुन - आरती कुंज बिहारी की। ज्ञान के सागर है हनुमंत, पड़े...
Read moreDetailsसंकट मोचन हनुमान अष्टक लिरिक्स, बाल समय रवि भक्ष लियो तब, तीनहुं लोक भयो अंधियारों। ताहि सों त्रास भयो जग...
Read moreDetailsमै आरती तेरी गाऊं, माँ उत्तरवाहिनी क्षिप्रा, उत्तरवाहिनी क्षिप्रा, माँ मोक्षदायिनी क्षिप्रा।। तर्ज - मैं आरती तेरी गाँउ ओ केशव।...
Read moreDetailsश्री हनुमान पच्चीसा लिरिक्स, दोहा - अजब है शक्ति आपकी, अजब आपके रंग, चरणों में मैं आ गिरा, ओ मेरे...
Read moreDetailsआरती अति पावन पुराण की, धर्म भक्ति विज्ञान खान की।। देखे - श्री भागवत भगवान की है आरती। महापुराण भागवत...
Read moreDetailsजय हो रणबांकुरो की, मरुधर के शुर वीरों की, दिल में थी जिनके माँ भारती, वीरों की रुमझुम उतारे हम...
Read moreDetails© 2016-2025 Bhajan Diary