आरती संग्रह

Aarti Sangrah Lyrics

जय भगवद् गीते भागवत गीता आरती लिरिक्स

जय भगवद् गीते, जय भगवद् गीते, हरि हिय कमल विहारिणि, सुन्दर सुपुनीते, जय भगवत गीते।। कर्म-सुमर्म-प्रकाशिनि, कामासक्तिहरा, तत्त्वज्ञान-विकाशिनि, विद्या ब्रह्म...

Read moreDetails

शिवमहिम्नः स्तोत्रं हिंदी लिरिक्स

शिवमहिम्नः स्तोत्रं, गजाननं भूतगणादि सेवितं, कपित्थ जम्बूफलसार भक्षितम्, उमासुतं शोक विनाशकारणं, नमामि विघ्नेश्वर पादपङ्कजम्। श्री पुष्पदन्त उवाच -- महिम्नः पारं...

Read moreDetails

देवि सुरेश्वरि भगवति गंगे श्री गंगा स्त्रोतम

देवि सुरेश्वरि भगवति गंगे, त्रिभुवनतारिणि तरलतरंगे, शंकरमौलिविहारिणि विमले, मम मतिरास्तां तव पदकमले, देवि सुरेश्वरि भगवति गंगे।। भागीरथिसुखदायिनि मातस्तव, जलमहिमा निगमे...

Read moreDetails

श्री गोवर्धन महाराज महाराज तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो लिरिक्स

श्री गोवर्धन महाराज महाराज, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो।। तोपे पान चढ़े तोपे फूल चढ़े, तोपे पान चढ़े तोपे फूल...

Read moreDetails

सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची श्री गणेश आरती लिरिक्स

सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची, नुरवी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची, सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची, कंठी झळके माळ मुक्ताफळाची, जय देव जय...

Read moreDetails

गणपति की सेवा मंगल मेवा आरती लिरिक्स

गणपति की सेवा मंगल मेवा, श्लोक - व्रकतुंड महाकाय, सूर्यकोटी समप्रभाः, निर्वघ्नं कुरु मे देव, सर्वकार्येषु सर्वदा। गणपति की सेवा...

Read moreDetails
Page 15 of 20 1 14 15 16 20
error: कृपया प्ले स्टोर या एप्प स्टोर से भजन डायरी एप्प इंस्टाल करे