बोल के जय श्री राम,
ओढ़ के राम दुशाला,
खोल दिया बालाजी ने मेरी,
किस्मतों का ताला,
राखे हर पल ध्यान मेरा,
मेरा बालाजी रखवाला,
अला बला सब दूर करे,
मेरा बालाजी सोटे वाला।
मेरा चले कारोबार है,
मौज बहार,
बालाजी थारी किरपा से,
बड़ा घर बड़ी कार है,
खुश परिवार,
बालाजी थारी कृपा से।।
जिस दिन से गल्ले पे लिखाया,
बालाजी महाराज की जय,
छोटा मोटा व्यापारी था,
सेठ शहर का हो गया मैं,
जहाँ जाऊँ मिले सत्कार,
हो जय जयकार,
बालाजी थारी कृपा से।
मेरा चले कारोबार है,
मौज बहार,
बालाजी थारी कृपा से,
बड़ा घर बड़ी कार है,
खुश परिवार,
बालाजी थारी कृपा से।।
ऐसी नजर उतारी मेरी,
बालाजी थारे सोटे ने,
छोड़ दिया मेरा पीछा करना,
हर टोने हर टोटके ने,
सौ मांगू मिले हज़ार,
मुझे हर बार,
बालाजी थारी कृपा से।
मेरा चले कारोबार है,
मौज बहार,
बालाजी थारी किरपा से,
बड़ा घर बड़ी कार है,
खुश परिवार,
बालाजी थारी कृपा से।।
संकट कटे मिटे सब पीरा,
जो सुमिरे हनुमत बलवीरा।।
Singer – Kanhiya Mittal Ji
Lyricist – Ravi Chopra








