बैठा हूँ आस लगाए सरकार ना आए भजन लिरिक्स

बैठा हूँ आस लगाए,
सरकार ना आए,
अब थाम लो पतवार,
बेड़ा पार हो जाए,
बेड़ा पार हो जाए।।

तर्ज – अफसाना लिख रही हूँ।



किसको पुकारूँ सांवरे,

कुछ सूझता नहीं,
कुछ सूझता नहीं,
बस एक नज़र किरपा की,
दिलदार हो जाए,
अब थाम लो पतवार,
बेड़ा पार हो जाए,
बेड़ा पार हो जाए।।



कमजोर मेरे हाथ है,

कश्ती पुरानी है,
कश्ती पुरानी है,
मुझ पे भी देव दयालु,
उपकार हो जाए,
अब थाम लो पतवार,
बेड़ा पार हो जाए,
बेड़ा पार हो जाए।।



लाखों उबारे आपने,

मुझको उबार लो,
मुझको उबार लो,
मेरी उम्मीदों का सपना,
साकार हो जाए,
अब थाम लो पतवार,
बेड़ा पार हो जाए,
बेड़ा पार हो जाए।।



ऐ श्याम जीवन डोर,

अब तेरे हाथ है,
अब तेरे हाथ है,
तेरे ‘हर्ष’ भगत का कान्हा,
उद्धार हो जाए,
अब थाम लो पतवार,
Bhajan Diary,

बेड़ा पार हो जाए,
बेड़ा पार हो जाए।।



बैठा हूँ आस लगाए,

सरकार ना आए,
अब थाम लो पतवार,
बेड़ा पार हो जाए,
बेड़ा पार हो जाए।।

Singer – Saurabh Madhukar


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