गुरु की दुआई मैं तो झूठ कोनी बोला रे हड़बूजी रामदेव जी मिलाप
गुरु की दुआई मैं तो, झूठ कोनी बोला रे हे। दोहा - रामा मोरी राखियो, अबके डोरी हाथ, और नहीं...
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गुरु की दुआई मैं तो, झूठ कोनी बोला रे हे। दोहा - रामा मोरी राखियो, अबके डोरी हाथ, और नहीं...
बाबा मेहंदीपुर वाले, अंजनी सूत राम दुलारे, करुणा का है ये भण्डार, कर लो रे भक्तों दीदार, लाल लंगोटे वाले,...
मैंने पूछा हज़ारों बार, मगर एक बार नहीं बोले, मेरे आंसू बहे हर बार, मगर एक बार नहीं बोले, मैने...
उज्जैनी में बाबा ने ऐसा, डमरू बजाया, मैं सुध बुध भूल आया, कितना प्यारा उज्जैनी, यहां दरबार सजाया, मैं सुध...
दिल्ली सूबे के पास में, एक बसे गुडगामे धाम, बैठी माता शीतला।। जब आवे मंगलवार हे, जब आवे मंगलवार हे,...
तेरो ही भ्रम तू ही भुलायो, दोहा - एक अखंडित ज्यो नभ व्यापक, बाहर भीतर हैं इकसारो, दृष्टक मुष्टक रूप...
भोले ओ भोले आया दर पे, मेरे सिर पे, जरा हाथ तू फिरा दे, मेरे भाग्य को जगा दे।। तर्ज...
श्याम तेरे दर पे, आया हूँ चाकर रख ले, मुझे इक बार, चाकरी का मौका दे दे, श्याम तेरे दर...
साधो भाई हरदम हरि है भेला, दोहा - सन्त समागम हरि कथा, तुलसी दुर्लभ दोय, सुत दारा औऱ गृह लक्ष्मी,...
दरबार मिला मुझको, जो श्याम तुम्हारा है, ये कर्म ना थे मेरे, अहसान तुम्हारा है, दरबार मिला मुझकों, जो श्याम...
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