गुरु ज्ञान की ज्योत जगाय गयो भजन लिरिक्स
गुरु ज्ञान की ज्योत जगाय गयो, दोहा - माँ केशर के लाल को, कोटि कोटि प्रणाम, भक्तो रा दुखड़ा दूर...
गुरु ज्ञान की ज्योत जगाय गयो, दोहा - माँ केशर के लाल को, कोटि कोटि प्रणाम, भक्तो रा दुखड़ा दूर...
भक्ति की देखो एक ज्योत जली, नाकोड़ा में भक्तो की टोली चली, नाकोडा में भक्तो की टोली चली।। तर्ज -...
मेवा नगर री डोडियां अध बीच, दोहा - जमला माही जावणो, जागे रावलमाल, रूपा गुरु से अरज करे, गुरु मारे...
मेरे अश्को से बाबा, तेरा गहरा रिश्ता है, बहते है जब भी ये, इनमे तू दीखता है, मेरे अश्कों से...
हे शिव शम्भू करुणा सिंधु, जग के पालनहार, दयालु वंदन बारम्बार, दयालु वंदन बारम्बार।। तर्ज - हे दुखभंजन। त्रिलोकी है...
तू है हारे का सहारा मेरे सांवरे, मुझे चाहिए सहारा तेरे नाम का, यही अर्जी है तेरे दरबार में, मुझे...
म्हे तो हर दम खाटू आवा, थे म्हारे कब आवोगा, थे ही म्हारा मात पिता हो, कदसी दरश दिखाओगा, म्हे...
महाकाल की नगरी, मेरे मन को भा गई। दोहा - मोक्षदायिनी अवंतिका, शिप्रा जल की धार, पाप कटे मुक्ति मिले,...
जब भी श्याम के सेवक पर कोई, संकट आएगा, श्याम धणी लीले पर चढ़कर, दौड़ा आएगा।। तर्ज - अब तो...
दर पे तुम्हारे बाबा, सबको बुलाना, दर्श दिखाके बाबा, दुखड़े मिटाना, दर पे तुम्हारें बाबा, सबको बुलाना।। तर्ज - परदेसियों...
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