स्वार्थ रो है सारो संसार भजन लिरिक्स
स्वार्थ रो है सारो संसार, मतलब रो मिठो बोले मानखो, भाई रे भजले तू भगवत रो नाम दोय दिना रो...
स्वार्थ रो है सारो संसार, मतलब रो मिठो बोले मानखो, भाई रे भजले तू भगवत रो नाम दोय दिना रो...
कोई रोक सके, न बाईसा को, वो जा रही ज्यो चले पवन, बाईसा अपने भक्तो के, द्वार चली है, भक्तो...
तुमपे है विश्वास बिहारी, लाज नहीं जाने देना, लाख तूफां आंधी आए, लाख तूफां आंधी आए, आंच नहीं आने देना,...
मुसाफिर जागते रहना, नगर में चोर आते है, जरा सी नींद गफलत में, झपट गठरी उठाते है, मुसाफिर जागतें रहना,...
अपने प्रेमी को सांवरिया, क्यों सताते हो तुम, क्यों सताते हो तुम, करके वादा मुझसे मिलने, क्यों नहीं आते हो...
चलता जा तू चलता जा, तू मान ना लेना हार, तेरा रस्ता देख रहा है, सांवलिया सरकार, श्याम का नाम...
अपने भक्तों पर सांवरिया, इतना कर देना उपकार, आंगन हरा भरा कर देना, मेरा सुखी रहे परिवार।। कोई भी...
ऐसी करी गुरुदेव दया, मेरे मोह का बन्धन तोड़ दिया।। दौड़ रहा दिन रात सदा, जग के सब कार बिहारन...
काज सँवारी निज, भक्तक हे महारानी, जगजननी कल्याणी, हमर दुःख मेटब कहिया, कखन माँ हरब विपतिया, दिअ ने दरश हे...
बढ़के थाम लो बाबा, अपने हाथ में, अब ये मेरा हाथ, बढ़के थाम लों, हम दीनों पे अपनी दया तुम,...
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