बही कैसे गंगा लहर धीरे धीरे भजन लिरिक्स
बही कैसे गंगा लहर धीरे धीरे, बहीं कैसे गंगा लहर धीरे धीरे।। तर्ज - चली जा रही है उमर धीरे।...
Shekhar Mourya is the founder and editor of Bhajan Diary, a trusted platform dedicated to Hindi devotional literature. With years of experience in publishing and organizing bhajans, aartis, chalisas, mantras, and kirtans, he is committed to preserving authentic devotional content in a simple, accurate, and easy-to-read format for devotees around the world.
बही कैसे गंगा लहर धीरे धीरे, बहीं कैसे गंगा लहर धीरे धीरे।। तर्ज - चली जा रही है उमर धीरे।...
नगरी हो उज्जैन जैसी, क्षिप्रा का किनारा हो, और चरण हो महाकाल के, जहां मेरा ठिकाना हो।। तर्ज - नगरी...
अब कभी मुझसे रूठे नहीं, ऐसी किस्मत सजा दीजिए, हे महाकाल राजा मुझे, अपने दर पे बुला लीजिए।। रंग लाती...
कभी फुर्सत हो तो जगदंबे, निर्धन के घर भी आ जाना, जो रूखा सूखा दिया हमें, कभी उसका भोग लगा...
भोलेनाथ जी का डमरू, दिन रात बज रहा है, भक्तों का पार बेडा, हाथों हाथ कर रहा है, भोले नाथ...
जीवन निखारे श्याम हमारे, दीन दुखी के काज सँवारे, जीवन निखारें श्याम हमारे।। तर्ज - दो दिल टूटे दो दिल...
जीव थारे कोई काम नहीं आयो, भजन बिना रितो जनम गमायो।। भाई बंदु थारा कुटम कबिला, थने गणो हरसावे, मरती...
बाडिया वालो श्याम, आज कृपा करग्यो, मैं तो सोयो नींद में, ऐलान करग्यो।। चोरी चोरी चुपके चुपके, आयो बाबो रात...
देवी सिमरा शारदा मने, गणपति देव मनाया। दोहा - सिंह चढ़िया देवी मिलें, गरूड़ चढ़िया भगवान, बेल चढ़िया शिवजी मिलें,...
खाटू वाले पकड़ो मेरा हाथ रे, मैं भी तेरे चरणों का हूँ दास रे, खाटू वालें पकड़ो मेरा हाथ रे।।...
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