जब ज़िद पे आ गई पार्वती लिरिक्स
जब ज़िद पे आ गई पार्वती, पार्वती, पार्वती, समझाने पहुँचे सप्तऋषि, सप्तऋषि, सप्तऋषि, काय ज़िद कर रही, काय खो मर...
Shekhar Mourya is the founder and editor of Bhajan Diary, a trusted platform dedicated to Hindi devotional literature. With years of experience in publishing and organizing bhajans, aartis, chalisas, mantras, and kirtans, he is committed to preserving authentic devotional content in a simple, accurate, and easy-to-read format for devotees around the world.
जब ज़िद पे आ गई पार्वती, पार्वती, पार्वती, समझाने पहुँचे सप्तऋषि, सप्तऋषि, सप्तऋषि, काय ज़िद कर रही, काय खो मर...
मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई।। काहे की या नाव बनाई, काहे की पतवार, रामा काहे...
बंदीगृह में जनम लियो है, देवकी को लाला, मोहन मुरली वाला, देवकी को लाला, मोहन मुरलीं वाला।। तर्ज - करके...
कान्हा का जन्मदिन आयो है, आज बिरज में धूम मची, सखियन ने शोर मचायो है, गली-गली गोकुल की सजी।। लेत...
बाबा तेरी किरपा की है, आज हमें दरकार, पल भर की देरी में कुछ भी, बचेगा ना सरकार, पल भर...
आजा आकर साँवरे, पतवार चला दे, आजा आकर सांवरे, पतवार चला दे डूब रही है नैया मेरी, डूब रही है...
तूफानों ने जब जब घेरा, पार करी मेरी कश्ती है, इतनी किरपा मुझ पे तेरी, जिसको दुनिया तरसती है।। तर्ज...
आयो आयो म्हारो मदन गोपाल, आयो गोकुल में, गोकुल में कान्हा गोकुल में, आयो आयो मेरो मदन गोपाल, आयो गोकुल...
नहीं टूटे दूध के दन्त, दोहा - ससुर ने झगड़ा मोल लिया, छल करके वन में खैल किया, हर लाये...
आया पर्व पर्युषण है आया, छाया घर घर में आनंद छाया।। तर्ज - बिन पानी के नाव। आया पर्वो का...
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