अर्जी सुनले लखदातार तेरा गुण गाये संसार भजन लिरिक्स

अर्जी सुनले लखदातार,
तेरा गुण गाये संसार।

दोहा – फिरा दर दर भटकता मैं,
नही तुमसा नज़र आया,
देखकर साँवली सूरत,
भरे दरबार में आया।



अर्जी सुनले लखदातार,

तेरा गुण गाये संसार,
मेरी नैया किनारे,
लगा दे सरकार
अरजी सुनले लखदातार।।

तर्ज – लेके पहला पहला प्यार।



कहते दयालु तुमको,

दानी मतवाला,
खुलता है दर पे तेरे,
किस्मत का ताला,
रौनक रहती तेरे द्वार,
होती पतझड़ में बहार,
मेरी नैया किनारे,
लगा दे सरकार
अरजी सुनले लखदातार।।



हो जाये मुझ पे मालिक,

दया जो तुम्हारी,
बन जाये बिगड़ी मेरी,
साँवरे मुरारी,
करता तेरी जय जयकार,
आओ लेकर के पतवार,
मेरी नैया किनारे,
लगा दे सरकार
अरजी सुनले लखदातार।।



दाता दयालु तुझसा,

कहाँ और पाएं,
दिल के फफोले श्याम,
किसको दिखाए,
विनती करता बारम्बार,
सुनलो ‘सावर’ की पुकार,
मेरी नैया किनारे,
लगा दे सरकार
अरजी सुनले लखदातार।।



अर्जी सुन ले लखदातार,

तेरा गुण गाये संसार,
मेरी नैया किनारे,
लगा दे सरकार
अरजी सुनले लखदातार।।

Singer – Mukesh Kumar Meena