आसोत्ररा रा देव बड़ा तपधारी,
म्हारा खेतेश्वर जी आप,
बड़ा उपकारी,
म्हारा पुरोहित कुल रा देव,
बड़ा तपधारी बड़ा अवतारी।।
हे बिजरोल खेड़ा जन्म है धरायो,
आनंद है छायो
पिता शेरसिंह जी रे घरे,
है मंगल गावे,,
माँ श्रंगारो रा लाल आप कहवाये,
गुरुवर कहवाये।।
हे गुणेशानंदजी गुरु,
आपरा कहावे,
शरण में रखावे,
गुरु भक्ति रो मार्ग,
सदा ही सत्य बतावे,
थे ब्रह्रा रा अवतारी,
बाल भ्रमचारी।।
हे खेड़ा गाव ने छोड़,
आसोत्ररा में आवे,
हे आनंद है छावे,
ब्रह्म-सावंतरी संग में बिठाय,,
प्रतिष्ठा करावे,
दाता तुलसारामजी रे,
सर पे हाथ है धरावे।।
हे तुलसारामजी करे,
सेवना थोरी गुरुजी थोरी,
ए तो ध्यानारामजी,
दाता रे छवर ढुलावे,
दाता दिल के है दातार,
दया बरसावे,
मेहर करावे।।
लिखे भजन महेन्द्रसिंह,
राजगुरु भाव भक्ति सू लिखावे,
ओ तो बावतरा सु आवे,
कृपा थारी पावे,
गुरु शरणा में शीश निवावे,
दर्शन थोरा पावे,
धणी पावे।।
आसोत्ररा रा देव बड़ा तपधारी,
म्हारा खेतेश्वर जी आप,
बड़ा उपकारी,
म्हारा पुरोहित कुल रा देव,
बड़ा तपधारी बड़ा अवतारी।।
Singer – Ramesh Dewasi
लेखक – महेन्द्र सिंह बावतरा।
मो. 8503831005








