आज साथीड़ा माने ले चालो टाडगढ रा मेला में लिरिक्स

आज साथीड़ा माने ले चालो,
टाडगढ रा मेला में,
भगत घनेरा आवे ओ,
टाडगढ रा मेला में,
आज साथीडा माने ले चालो,
टाडगढ रा मेला में,
भगत घनेरा आवे ओ,
टाडगढ रा मेला में,
काकाजी भी जावे मारा,
काकीजी भी जावे,
मै भी चालु थारे लार,
साथीडा माने ले चालो,
टाडगढ रा मेला में।।



ढोल नगाडा बाजे ओ,

टाडगढ रा मेला में,
ढोल नगाडा बाजे ओ,
टाडगढ रा मेला में,
सासुजी भी जावे मारा,
सुसरोजी भी जावे,
सासुजी भी जावे मारा,
सुसरोजी भी जावे,
जावे सारो परिवार,
साथीडा माने ले चालो,
टाडगढ रा मेला में,
भगत घनेरा आवे ओ,
टाडगढ रा मेला में।।



छप्पन भोग चढावे ओ,

टाडगढ रा मेला में,
अरे छप्पन भोग चढावे ओ,
टाडगढ रा मेला में,
अरे देवरजी भी जावे,
मारी देरानी भी जावे,
देवरजी भी जावे मारी,
देरानी भी जावे,
जावे हजारो बार,
टाडगढ रा मेला में,
भगत घनेरा आवे ओ,
टाडगढ रा मेला में।।



विद्या प्रकाश जी आवे ओ,

टाडगढ रा मेला में,
विद्या प्रकाश जी आवे ओ,
टाडगढ रा मेला में,
कपिल जी भी आवे संग,
रतनजी ने लावे,
कपिल जी भी आवे संग,
रतनजी ने लावे,
साथे है तख परिवार,
ले चालो टाडगढ रा मेला में,
भगत घनेरा आवे ओ,
टाडगढ रा मेला में।।



आज साथीड़ा माने ले चालो,

टाडगढ रा मेला में,
भगत घनेरा आवे ओ,
टाडगढ रा मेला में,
आज साथीडा माने ले चालो,
टाडगढ रा मेला में,
भगत घनेरा आवे ओ,
टाडगढ रा मेला में,
काकाजी भी जावे मारा,
काकीजी भी जावे,
मै भी चालु थारे लार,
साथीडा माने ले चालो,
टाडगढ रा मेला में।।

स्वर – माधुरी जी वैष्णव।
प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


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