खाटू की पावन धरती की,
माटी बड़ी सुहानी है,
कलयुग का अवतारी वहां पर,
बैठा शीश का दानी है।।
तर्ज – क्या मिलिए ऐसे लोगो से।
इस माटी में ऐसा कुंड है,
जहाँ पे प्रगटा श्याम मेरा,
हर दम रहता जहां पे भक्तों,
खाटू वाले का पहरा,
लगाले गोता तू भी एक बार,
इसकी अमर कहानी है,
कलयुग का अवतारी वहां पर,
बैठा शीश का दानी है।।
श्याम बगीची बड़ी निराली,
बाबा का आना जाना,
बैठा आलू सिंह वहां,
बाबा के नाम का दीवाना,
ज्योत जलाई घर घर जिसने,
दुनिया श्याम को पहचानी,
कलयुग का अवतारी वहां पर,
बैठा शीश का दानी है।।
तेरह सीढ़ी चढ़कर जो भी,
श्याम से नैन मिलाता है,
खाटू वाला उन भक्तों के,
सारे कष्ट मिटाता है,
‘विक्की’ सच कहता है भक्तों,
बात है ये जानी मानी,
कलयुग का अवतारी वहां पर,
बैठा शीश का दानी है।।
खाटू की पावन धरती की,
माटी बड़ी सुहानी है,
कलयुग का अवतारी वहां पर,
बैठा शीश का दानी है।।
Singer / Lyrics – Vikas Agarwal Vicky
Phone – 6394332715








