बाबो पग पग साथ निभावे रे,
छोटी मोटी विपदा में,
तू क्यों घबरावे रे,
छोटी मोटी विपदा में,
तू क्यों घबरावे रे,
क्यों घबरावे रे बावड़ा,
जी ने उठावे रे,
यो बाबों पग पग साथ निभावे रे,
छोटी मोटी विपदा में,
तू क्यों घबरावे रे।।
आधी रात ने पड़े जरूरत,
दौड़ो दौड़ो आवे,
सिर पर हाथ फेर कर बाबो,
हिम्मत थारी बनावे,
थारा इतना लाड लड़ावे रे,
छोटी मोटी विपदा में,
तू क्यों घबरावे रे।।
राख भरोसो पक्को भाया,
श्याम से कर ले यारी,
रिश्ता नाता चार दिना रा,
दुनिया मतलब दारी,
थारा आंसू देख ना पावे रे,
छोटी मोटी विपदा में,
तू क्यों घबरावे रे।।
सुख दुख आता जाता रहवे,
क्यों धीरज तू खोवे,
मायड़ के रहते टाबर को,
बाल ना बाको होवे,
तन्ने आए कालजे लगावे रे,
छोटी मोटी विपदा में,
तू क्यों घबरावे रे।।
छोड़ दे सब बाबा पर चिंता,
कोई ना आड़े आसी,
खातों खोल के बैठो है वो,
सगड़ो हिसाब लगासी,
‘केशव’ बैठो मौज उड़ावे रे,
छोटी मोटी विपदा में,
तू क्यों घबरावे रे।।
बाबो पग पग साथ निभावे रे,
छोटी मोटी विपदा में,
तू क्यों घबरावे रे,
छोटी मोटी विपदा में,
तू क्यों घबरावे रे,
क्यों घबरावे रे बावड़ा,
जी ने उठावे रे,
यो बाबों पग पग साथ निभावे रे,
छोटी मोटी विपदा में,
तू क्यों घबरावे रे।।
Singer – Varsha Garg
Lyrics – Krish Tanwar








