किसी ने कही देखा है,
मेरा मोहन मुरली वाला,
बता दो कही देखा है,
मेरा मोहन मुरली वाला।।
कोई कहे उसे ब्रज का रसिया,
कोई कहे उसे ब्रज का रसिया,
ब्रज का रसिया, ब्रज का रसिया,
कोई कहे नन्दलाला,
किसी ने कहीं देखा हैं,
मेरा मोहन मुरली वाला।।
कोई कहे राधा का कन्हैया,
कोई कहे राधा का कन्हैया,
राधा का कन्हैया, राधा का कन्हैया,
कोई कहे गोपाला,
किसी ने कहीं देखा हैं,
मेरा मोहन मुरली वाला।।
कोई कहे उसे बांके बिहारी,
कोई कहे उसे बांके बिहारी,
बांके बिहारी, कहे कुंजबिहारी,
कोई काली कमली वाला,
किसी ने कहीं देखा हैं,
मेरा मोहन मुरली वाला।।
मोर मुकुट माथे तिलक विराजे,
मोर मुकुट माथे तिलक विराजे,
तिलक विराजे, माथे तिलक विराजे,
वाके गल वैजयंती माला,
किसी ने कहीं देखा हैं,
मेरा मोहन मुरली वाला।।
किसी ने कही देखा है,
मेरा मोहन मुरली वाला,
बता दो कही देखा है,
मेरा मोहन मुरली वाला।।
स्वर – आरुषि गंभीर / निकुंज कामरा।
प्रेषक – ओम प्रकाश पंचाल उज्जैन मध्य प्रदेश।
99266 52202








