ये फागुन आता है,
बहारें लाता है,
तेरा हर एक प्रेमी,
ये अर्ज़ लगाता है,
खाटू बुला लो ना,
मुझे भी बुला लो ना,
बाबा दर्शन बिन,
तेरे मन ना लगे।।
तर्ज – संदेशे आते है।
याद तेरी आती है,
बड़ा तड़पाती है,
यूँ ही चलते-चलते
आँख भर आती है।
दर्शन की प्यास मुझे,
तेरी ही आस मुझे,
बुला ले बाबा मेरे,
अपने ही पास मुझे।
ये फागुन आता है,
बहारें लाता है।।
खाटू की गलियों के
सपने मुझे आते हैं,
निशान ले हाथों में
अर्ज़ लगाते हैं।
आँखों से बहते है,
अरमाँ मेरे सारे,
ये आँसू कहते है,
कैसे उम्मीद हारें।
ये फागुन आता है,
बहारें लाता है।।
ये तेरा मेला तो
मुझे बड़ा भाता है,
धाम तेरे आने की
आश जगाता है।
बेटे की आहट सुन
बाप भी जगता है,
मेरे बाबा का हाथ,
मेरी ओर बढ़ता है।
ये फागुन आता है,
बहारें लाता है।।
ऐ खाटू वाली हवा ज़रा,
मेरा हाल-ए-दिल बाबा को सुना,
तेरी याद में तेरा प्रेमी यूँ ही तड़प रहा।
उनके चरणों को चूम के
मेरे बाबा का तू प्यार ले,
उनकी चौखट पे सर रख के
बस एक ही आशीर्वाद ले।
बुलावा आया है,
बुलावा आया है,
मेरे बाबा ने मुझे,
अब तो बुलाया है।
खुशी से नाचूँगा,
झूम के गाऊँगा,
बाबा दर्शन बिन,
तेरे मन ना लगे।।
ये फागुन आता है,
बहारें लाता है,
तेरा हर एक प्रेमी,
ये अर्ज़ लगाता है,
खाटू बुला लो ना,
मुझे भी बुला लो ना,
बाबा दर्शन बिन,
तेरे मन ना लगे।।
Singer & Lyricist – Ritesh Maheshwari
Contact – 9769978233








