रंग बरसे ब्रज की गलियन में,
रंग बरसे,
रंग बरसे हो, रंग बरसे,
रंग बरसे बृज की गलियन में,
रंग बरसे।।
ले कान्हा ग्वालन की टोली,
निकल पड़े है खेलन होली,
खेलन होली, खेलन होली,
उसे रंग दे जो आए नजरन में,
रंग बरसे,
रंग बरसे बृज की गलियन में,
रंग बरसे।।
गावत गीत गोपियां सारी,
ओढ़े नई चुनरिया सारी,
चुनरिया सारी, चुनरिया सारी,
कान्हा डार गयो रंग चुनरी पे,
रंग बरसे,
रंग बरसे बृज की गलियन में,
रंग बरसे।।
ले ब्रज नार कनक पिचकारी,
ढूंढ रही कान्हा को सारी,
कान्हा को सारी, कान्हा को सारी,
अरे छुप गए कान्हा अटरिया में,
रंग बरसे,
रंग बरसे बृज की गलियन में,
रंग बरसे।।
भोर भई हुड़दंग मचायो,
एक दूजे पे रंग उड़ायो,
रंग उड़ायो, रंग उड़ायो,
झूमे ग्वाल बाल ब्रिज गलियन में,
रंग बरसे,
रंग बरसे बृज की गलियन में,
रंग बरसे।।
रंग बरसे ब्रज की गलियन में,
रंग बरसे,
रंग बरसे हो, रंग बरसे,
रंग बरसे बृज की गलियन में,
रंग बरसे।।
Singer – Shaina Chhabra
Lyrics – Yashika Mishra








