बीच भँवर में छोड़ न जाना,
बस इतना चाहता हूँ,
माँझी बनकर पार लगाना,
बस इतना चाहता हूं,
बाबा बस इतना चाहता हूं,
कान्हा बस इतना चाहता हूं,
श्याम मेरे श्याम,
मेरे श्याम मेरे श्याम।।
सुख हो या चाहे दुःख हो बाबा,
बस इतना ही कहना है,
जैसी भी हों घड़ियाँ मेरी,
हर पल साथ में रहना है,
मुझको अपनी शरण में रखना,
मुझको अपनी शरण में रखना,
बस इतना चाहता हूं
बाबा बस इतना चाहता हूं,
कान्हा बस इतना चाहता हूं।।
दुनिया के रिश्तों से बाबा,
मेरा भरोसा टूट गया है,
गर्दिश के दिन आए जब जब,
हर अपना ही छूट गया है,
साथी बनकर साथ निभाना,
साथी बनकर साथ निभाना,
बस इतना चाहता हूं
बाबा बस इतना चाहता हूं,
कान्हा बस इतना चाहता हूं।।
हम तो है नादान ओ बाबा,
भूल जो कभी हो जाए,
गलती का एहसास कराना,
फिर माफ़ी मुझे मिल जाए,
‘सनी’ की हर भूल भुलाना,
‘सनी’ की हर भूल भुलाना,
बस इतना चाहता हूं
बाबा बस इतना चाहता हूं,
कान्हा बस इतना चाहता हूं।।
बीच भँवर में छोड़ न जाना,
बस इतना चाहता हूँ,
माँझी बनकर पार लगाना,
बस इतना चाहता हूं,
बाबा बस इतना चाहता हूं,
कान्हा बस इतना चाहता हूं,
श्याम मेरे श्याम,
मेरे श्याम मेरे श्याम।।
Singer – Reshmi Sharma
Lyrics – Sunny Yadav








