बाड़ी बाँध पर बैठा म्हारा,
मोटा शनिदेव,
अरे शनिदेव रो डंको बाजे,
अरे चमत्कारी रो डंको बाजे,
जग में चारों ओर रे,
मेवाड़ का रखवाला थे,
आछा बैठा बाड़ी माही,
शनिदेव भगवान।।
शरणे आवे शनिदेव रे,
करदे बेड़ा पार,
अरे सच्ची श्रद्धा जो कोई लावे,
बाबो लगावे पार रे,
मेवाड़ का रखवाला थे,
आछा बैठा बाड़ी माही,
गढ़ जिला चितौड़।।
शनिवार का खुले भंडारा,
निकले लाख करोड़,
अरे गिनता गिनता थाक जावे,
समेती वारा लोग रे,
मेवाड़ का रखवाला थे,
आछा बैठा बाड़ी माही,
गढ़ जिला चितौड़।।
अरे कुँवारा के मोड़ बंदावे,
शनिदेव भगवान,
अरे थारे भरोसे बैठो मु,
मारो लगन लिखाओ आज रे,
मेवाड़ का रखवाला थे,
आछा बैठा बाड़ी माही,
शनिदेव भगवान।।
अरे सपने आवे उकार जी के,
शनिदेव भगवान,
अरे बाड़ी माही मंदिर बनियो,
देखो मोटो आज रे,
मेवाड़ का रखवाला थे,
आछा बैठा बाड़ी माही,
शनिदेव भगवान।।
अरे अन्न धन फसला यो देवे,
राखे मारी लाज,
बाड़ी बांध पर बैठो यो,
किसान रो सर ताज रे,
मेवाड़ का रखवाला थे,
आछा बैठा बाड़ी माही,
शनिदेव भगवान।।
रेखा शर्मा महिमा गावे,
शनिदेव महाराज,
शिवम थारी कृपा से,
कलम चलावे आज रे,
मेवाड़ का रखवाला थे,
आछा बैठा बाड़ी माही,
शनिदेव भगवान।।
बाड़ी बाँध पर बैठा म्हारा,
मोटा शनिदेव,
अरे शनिदेव रो डंको बाजे,
अरे चमत्कारी रो डंको बाजे,
जग में चारों ओर रे,
मेवाड़ का रखवाला थे,
आछा बैठा बाड़ी माही,
शनिदेव भगवान।।
गायिका – रेखा शर्मा उदयपुर।
Lyrics – Shivam Sharma
9829593452








