सब कुछ बदल दे बाबा,
तकदीर ना बदलना,
तकदीर में तुम्ही हो,
तकदीर में ही रहना,
सबकुछ बदल दें बाबा,
तकदीर ना बदलना।।
तर्ज – चूड़ी मजा न देगी।
तकदीर है मेरी जो,
दरबार तेरा पाया,
हरदम बनाए रखना,
तेरी कृपा का साया,
चौखट का दास हमको,
यूं ही बनाए रखना,
सबकुछ बदल दें बाबा,
तकदीर ना बदलना।।
तकदीर की बदौलत,
तुझसा मिला है साथी,
जीवन के दीप तुम हो,
उस दीप का मैं बाती,
भक्ति कि लो कन्हैया,
मन में जलाए रखना,
सबकुछ बदल दें बाबा,
तकदीर ना बदलना।।
तकदीर से मिली है,
ये बंदगी तुम्हारी,
कर दी है नाम तेरे,
ये जिंदगी हमारी,
बदले किशन जमाना,
पर तुम नहीं बदलना,
सबकुछ बदल दें बाबा,
तकदीर ना बदलना।।
सब कुछ बदल दे बाबा,
तकदीर ना बदलना,
तकदीर में तुम्ही हो,
तकदीर में ही रहना।।
स्वर – मुकेश बागड़ा जी।
प्रेषक – ओमप्रकाश पांचाल उज्जैन मध्य प्रदेश।
9926652202








