कैया नाचू ये माताजी,
थारी पैडया में,
कांकरा गड छ,
मारी ऐडया में।।
नाचबा की मन म,
आव म्हार गहरी,
कांकरो बन गयो,
जीव को बैरी,
बैठयो बालमो भी,
देख मन मैडया म,
कांकरा गड छ,
मारी ऐडया में।।
ऊंचा नीचा डुंगर थारी,
ऊंची नीची घाटी,
आज डट न मारा,
मनडा की गाडी,
ओतो जीव को,
जंजाल बनग्यो पैड्या म,
कांकरा गड छ,
मारी ऐडया में।।
लाल लाल चुनरी,
थार तांई ल्याई,
हलवा पुडी भोग थाल,
हाथा म सजाई,
गजरा फुला को,
खरीद लाई रेडिया म,
कांकरा गड छ,
मारी ऐडया में।।
दास धरम चन्द,
भक्ता म गावे,
बीरबील सिंह थारो,
ध्यान लगावे,
डीजे जोर को,
बाज छ पेड्या म,
कांकरा गड छ,
मारी ऐडया में।।
कैया नाचू ये माताजी,
थारी पैडया में,
कांकरा गड छ,
मारी ऐडया में।।
गायक / प्रेषक – धरम चन्द नामा।
9887223297








