जब तलक सांस में सांस है,
बाबा भजनों को गाता रहूंगा,
इतना प्यारा ये एहसास है,
गाकर इनको रिझाता रहूंगा।।
तर्ज – जिंदगी प्यार का गीत है।
(राग – शिवरंजनी)
किरपा बेशक मिले ना मिले,
कोई परवाह नहीं है मुझे,
सेवा करता रहूं उम्र भर,
बस यही आरजू है मुझे,
भाव के कतरों को चरणों में,
मैं यू ही चढ़ाता रहूंगा,
इतना प्यारा यें एहसास है,
गाकर इनको रिझाता रहूंगा।।
मैं मुसीबत में जब भी घिरा,
बंदगी तेरी मुझको मिली,
मेरी करनी तो ऐसी ना थी,
तेरी रहमत से फिर भी मिली,
तुम सुनो ना सुनो मेरे श्याम,
तुम्हें दिल की सुनाता रहूंगा,
इतना प्यारा यें एहसास है,
गाकर इनको रिझाता रहूंगा।।
दुःख सुख आते जाते रहे,
मेरी वाणी में बस तू रहे,
ना जुदा होना मुझसे कभी,
मेरी आंखों के आंसू कहे,
भाव ‘राखी’ के मन में जो आए,
गा के तुमको बुलाता रहूंगा,
इतना प्यारा यें एहसास है,
गाकर इनको रिझाता रहूंगा।।
जब तलक सांस में सांस है,
बाबा भजनों को गाता रहूंगा,
इतना प्यारा ये एहसास है,
गाकर इनको रिझाता रहूंगा।।
Singer – Sanjeev Sharma
Lyrics – Rakhi Agarwal








