सांवरिया की महिमा,
सुनाऊं म्हारा राज,
काई बताऊं म्हारा सेठा की।।
मंडपीया नगरी घणी सुहानी,
सेठ सुने घर घर की कहानी,
म्हारो सेठ सुने बाता मनडा की,
काई बताऊं म्हारा सेठा की।।
सब डूबा कर्जा के कहर में,
सेठ चलावे टॉप गेयर में,
भगता की गाडूली चलावे म्हारो सेठ,
काई बताऊं म्हारा सेठा की।।
कोई चढ़ावे सोना चांदी,
सबने देवे काली गाड़ी,
हार्योेडा मुकदमा जितावे म्हारो सेठ,
काई बताऊं म्हारा सेठा की।।
आज काल का छोरा छोरी,
नहीं जाने है महिमा थारी,
सबने तो मंडपिया बुलाले म्हारा सेठ,
महिमा बताऊं म्हारा सेठा की।।
मैं तो थाके आया सावरा,
थे भी म्हाके आज्यो सावरा,
थारा गोपाल पुरी गुण गावे म्हारा सेठ,
महिमा बताऊं म्हारा सेठा की।।
सांवरिया की महिमा,
सुनाऊं म्हारा राज,
काई बताऊं म्हारा सेठा की।।
गायक – गोपाल पुरी गोस्वामी।
9503413731








